नवाबों के शहर लखनऊ में इस समय कड़ाके की गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप और दोपहर की गर्म हवाओं (लू) के बीच हर कोई बस यही दुआ कर रहा है कि आसमान से राहत की बूंदें कब बरसेंगे।
अगर आप भी इसी इंतजार में हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मानसून अपनी सही रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और जून के चौथे हफ्ते में लखनऊ के लोगों को इस झुलसाती गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों में एंट्री करने के बाद मानसून 23 जून से 25 जून 2026 के बीच लखनऊ पहुंच जाएगा। वहीं, जून के दूसरे पखवाड़े (15 जून के बाद) से ही शहर में प्री-मानसून की हलचल, जैसे तेज आंधी और हल्की बौछारें शुरू होने की उम्मीद है।
लखनऊ मानसून 2026: एक नजर में
मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के आधार पर लखनऊ और यूपी में मानसून का पूरा शेड्यूल कुछ इस तरह रह सकता है।:
- केरल में मानसून की एंट्री: इस साल मानसून 4 जून 2026 को केरल के तट पर पहुंचा है।
- यूपी में मानसून का पहला कदम: 18 जून से 22 जून के बीच, पूर्वी यूपी के रास्ते।
- लखनऊ में मानसून की दस्तक: 23 जून से 25 जून 2026 के बीच।
- लखनऊ में प्री-मानसून की शुरुआत: 15 जून से 20 जून के बीच कभी भी।
मानसून की ताजा स्थिति: अभी कहाँ तक पहुँचा?
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून इस समय काफी मजबूत स्थिति में दिख रहा है। केरल में दस्तक देने के बाद यह तेजी से आगे बढ़ा है और अब गोवा, कर्नाटक और तमिलनाडु को पूरी तरह से कवर करके महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में दाखिल हो चुका है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4-5 दिनों में यह छत्तीसगढ़ और ओडिशा के रास्तों से आगे बढ़ेगा। इसके बाद झारखंड और बिहार को पार करते हुए जून के तीसरे हफ्ते में उत्तर प्रदेश की सीमा में एंट्री लेगा।
यूपी में मानसून का सफर: पूर्वांचल से अवध तक
उत्तर प्रदेश काफी बड़ा राज्य है, इसलिए मानसून को पूर्व से लेकर पश्चिम तक पहुँचने में थोड़ा समय लगता है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों को देखें, तो इसकी चाल को तीन चरणों में समझा जा सकता है:
- पहला चरण (यूपी में एंट्री): मानसूनी हवाएं सबसे पहले 18 से 22 जून के बीच पूर्वी यूपी के सोनभद्र, बलिया और देवरिया के रास्ते राज्य में दाखिल होंगी।
- दूसरा चरण (आगे का सफर): पूर्वांचल के जिलों को अच्छे से भिगोने के बाद ये हवाएं प्रयागराज और आसपास के इलाकों से होते हुए मध्य यूपी की तरफ बढ़ेंगी।
- तीसरा चरण (लखनऊ आगमन): पूर्वी यूपी में पहुँचने के ठीक 3 से 4 दिनों के भीतर (यानी 23 से 25 जून तक) मानसून अवध के दिल यानी लखनऊ और कानपुर को पूरी तरह अपने घेरे में ले लेगा।
लखनऊ का संभावित मौसम कैलेंडर (जून-जुलाई 2026)
- 15 जून तक: गर्मी और उमस का सितम जारी रहेगा, हालांकि बीच-बीच में हल्के बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
- 15 जून से 20 जून (प्री-मानसून): दोपहर या शाम के समय अचानक धूल भरी आंधी चल सकती है और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश लोगों को राहत देगी।
- 23 जून से 25 जून (मानसून का आगमन): लखनऊ में मानसून की आधिकारिक एंट्री होगी और शहर में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
- जून का आखिरी हफ्ता और जुलाई: इस दौरान लगातार अच्छी बारिश होगी, जिससे तापमान काफी गिर जाएगा और मौसम बेहद सुहावना हो जाएगा।
आम जनजीवन और खेती-किसानी पर असर
- किसानों के लिए राहत: मानसून के अपने सही समय पर आने से लखनऊ के ग्रामीण इलाकों, जैसे मलिहाबाद और मोहनलालगंज के किसानों के चेहरे खिल गए हैं। धान की नर्सरी (पौध) डालने का काम किसान भाई जून के तीसरे हफ्ते से सही समय पर शुरू कर सकते हैं।
- बिजली कटौती से मिलेगी निजात: जून के अंत में बारिश होने से जैसे ही तापमान गिरेगा, वैसे ही बिजली के ट्रांसफार्मरों पर लोड कम हो जाएगा। इससे शहर में अघोषित बिजली कटौती की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
- नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती: मानसून के तय समय को देखते हुए नगर निगम को नालों की सफाई और सड़कों पर पानी भरने (Waterlogging) से निपटने की तैयारियां 15 जून से पहले ही हर हाल में पूरी करनी होंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. लखनऊ में मानसून आने की सबसे सही तारीख क्या है?
उत्तर: मौसम विभाग के सामान्य आगमन चार्ट (image_0226c2.jpg) के मुताबिक, लखनऊ में मानसून 23 जून से 25 जून 2026 के बीच पहुंच जाएगा। मानसून की मौजूदा रफ्तार काफी अच्छी है, इसलिए इसके समय पर आने की पूरी उम्मीद है।
Q2. इस साल केरल में मानसून कब आया?
उत्तर: मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, इस साल मानसून 4 जून 2026 को केरल पहुंचा है और वहां से तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Q3. लखनऊ में प्री-मानसून की पहली बारिश कब तक होगी?
उत्तर: जून के दूसरे सप्ताह के बाद, यानी 15 से 20 जून के बीच कभी भी आंधी-तूफान के साथ प्री-मानसून की फुहारें पड़ सकती हैं।
Q4. क्या इस साल उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश होगी?
उत्तर: हां, मौसम विभाग के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस साल मानसून सामान्य या सामान्य से बेहतर रहने वाला है। इससे खेती को तो फायदा होगा ही, साथ ही भूजल स्तर भी सुधरेगा।
Disclaimer: यह पूर्वानुमान मौसम विभाग (IMD) के 6 जून 2026 के ताजा बुलेटिन और पिछले सालों के मानसूनी पैटर्न पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर हवा के दबाव या अचानक बने किसी वेदर सिस्टम के कारण तारीखों में 1-2 दिनों का मामूली बदलाव हो सकता है। रोज़ाना की सटीक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक मौसम बुलेटिन ही देखें।