Bihar Monsoon 2026: बिहार में मानसून 15 से 20 जून 2026 के बीच प्रवेश कर सकता है। IMD के अनुसार, सबसे पहले सीमांचल के जिलों में प्री-मानसून बारिश शुरू होगी।
बिहार में इस समय गर्मी और उमस लगातार बढ़ती जा रही है। पटना, गया और भागलपुर समेत कई जिलों में दिन का तापमान 40°C के पार पहुँच चुका है। इसके साथ ही रात के समय भी लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
सबसे ज्यादा चिंता राज्य के किसानों को है। खरीफ सीजन की तैयारी अब शुरू होने वाली है और धान की खेती पूरी तरह मानसून की बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में हर बिहारी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि— बिहार में मानसून 2026 कब पहुँचेगा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के शुरुआती संकेतों और ग्लोबल वेदर मॉडल्स के अनुसार, इस साल बिहार में मानसून अपने सामान्य समय के आसपास ही दस्तक देगा। आइए जानते हैं बिहार के सभी जिलों का सटीक वेदर शेड्यूल।
बिहार मानसून 2026: एक नजर में
- मानसून एंट्री: 15-20 जून
- सबसे पहले बारिश: किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार
- पटना में मानसून: 18-22 जून
- सबसे ज्यादा बारिश: सीमांचल और उत्तर बिहार
- ठनका अलर्ट: जून के तीसरे सप्ताह से

बिहार में मानसून कब आएगा 2026?
IMD के शुरुआती अनुमान के अनुसार, बिहार में मानसून 15 से 20 जून 2026 के बीच प्रवेश कर सकता है। सबसे पहले सीमांचल और पूर्वोत्तर बिहार के जिलों में बारिश शुरू होने की संभावना है।
| मुख्य जिले | मानसून आगमन की संभावित तारीख | मौसम की स्थिति और अलर्ट (IMD) |
| किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा | 15 जून से 17 जून 2026 | सबसे पहले दस्तक: मानसून सबसे पहले इसी क्षेत्र में आएगा। जून की शुरुआत से ही यहाँ तेज आंधी और प्री-मानसून बारिश शुरू हो जाएगी। |
| पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद | 18 जून से 22 जून 2026 | मध्य बिहार में राहत: सीमांचल के बाद मानसून यहाँ पहुँचेगा। हवाओं का रुख पुरवा (पूर्वी) होते ही उमस भरी गर्मी खत्म होगी। |
| भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया, बेगुसराय, जमुई | 17 जून से 20 जून 2026 | गरज-चमक के साथ बारिश: गंगा से सटे इन मैदानी इलाकों में जून के तीसरे हफ्ते की शुरुआत में झमाझम बारिश होगी। |
| मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, वैशाली, छपरा, सिवान, गोपालगंज | 20 जून से 24 जून 2026 | भारी बारिश का अलर्ट: उत्तर बिहार के इन जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। ठनका (Aकाशीय बिजली) गिरने का खतरा ज्यादा रहेगा। |
| बक्सर, रोहतास (सासाराम), कैमूर (भभुआ), भोजपुर (आरा) | 24 जून से 28 जून 2026 | देरी से आगमन: मानसून के पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण इन पश्चिमी जिलों को जून के अंतिम सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा। |
1. बिहार में मानसून 2026 कब आने की संभावना है?
बिहार में मानसून का सामान्य समय जून के दूसरे सप्ताह के बाद से माना जाता है। आमतौर पर मानसूनी हवाएं बंगाल की खाड़ी से भारी नमी लेकर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के रास्ते बिहार में प्रवेश करती हैं।
2026 के शुरुआती वेदर पैटर्न्स बताते हैं कि यदि बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम मजबूत बना रहता है, तो बिहार में मानसून 15 से 20 जून के बीच मुख्य भूमि पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा देगा।
आईएमडी (IMD) के अनुसार, इस बार समुद्री तापमान और हवा की दिशा मानसून की सामान्य प्रगति के लिए बिल्कुल अनुकूल दिखाई दे रही है।
2. क्या 2026 का मानसून पिछले साल से बेहतर रहेगा?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल का मानसून पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर रहने की उम्मीद है।
- ला-नीना (La Niña) का प्रभाव: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल ला-नीना की स्थिति मानसून को मजबूती दे सकती है। ऐसे में बिहार में सामान्य या उससे बेहतर बारिश होने की संभावना बन रही है।
- अनुकूल परिस्थितियां: इसके अलावा बंगाल की खाड़ी का सतही तापमान सही बना हुआ है, जिससे मानसूनी बादलों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
IMD के वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत दास के अनुसार,
15 जून के बाद बिहार के मौसम में तेजी से बदलाव दिख सकता है। उत्तर और पूर्वी बिहार में भारी बारिश की संभावना रहेगी।
बिहार के किसानों के लिए मानसून 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती पूरी तरह समय पर होने वाली बारिश पर टिकी है। खरीफ की मुख्य फसलों पर इसका सीधा असर पड़ेगा:
- धान की खेती: समय पर मानसून आने से किसान भाई सही वक्त पर धान का बिचड़ा (नर्सरी) डाल पाएंगे।
- मक्का और दलहन: शुरुआती मानसूनी नमी से मक्के की बुवाई और दलहनी फसलों को काफी फायदा पहुँचेगा।
- किसानों के लिए जरूरी सलाह: किसान भाई पहली हल्की प्री-मानसून बारिश को देखकर तुरंत बड़े स्तर पर बुवाई शुरू न करें। जब मानसून की स्थिर और लगातार बारिश शुरू हो जाए, तभी खेतों में बीज डालें ताकि मिट्टी के अंदर की गर्मी पूरी तरह शांत हो सके।
ठनका (Lightning) से बचाव बेहद जरूरी: दामिनी ऐप का करें इस्तेमाल
बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने से हर साल जान-माल का नुकसान होता है। मौसम विभाग ने इसके लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है:
- पेड़ों से दूर रहें: गरज-चमक के साथ बारिश होने पर कभी भी ऊंचे पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- सुरक्षित स्थान पर जाएं: यदि आप खेत में काम कर रहे हैं और अचानक बादल गरजने लगें, तो तुरंत किसी पक्के मकान या शेल्टर के नीचे चले जाएं।
- दामिनी ऐप (Damini App): अपने मोबाइल में भारत सरकार का ‘दामिनी’ ऐप जरूर डाउनलोड करें। यह ऐप आपके इलाके में बिजली गिरने से 30 मिनट पहले चेतावनी दे देता है।
FAQ: बिहार मानसून 2026 से जुड़े जरूरी सवाल
Q1. बिहार में मानसून 2026 की सटीक तारीख क्या है?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बिहार में मानसून 15 से 20 जून 2026 के बीच प्रवेश करेगा। 22 जून तक यह पूरे राज्य को कवर कर लेगा।
Q2. पटना में मानसून की पहली बारिश कब होगी?
उत्तर: पटना और आसपास के मध्य बिहार के जिलों में 18 से 22 जून के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना है।
Q3. बिहार के किन जिलों में मानसून सबसे पहले आता है?
उत्तर: बिहार में मानसून सबसे पहले पूर्वोत्तर हिस्से यानी सीमांचल के जिलों (किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार और अररिया) में दस्तक देता है।
Q4. उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा किन जिलों में ज्यादा रहेगा?
उत्तर: कोसी और गंडक के जलग्रहण वाले क्षेत्रों जैसे सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पूर्वी व पश्चिमी चंपारण के इलाकों में भारी बारिश के दौरान बाढ़ का खतरा ज्यादा बना रहता है।