Rajasthan Monsoon Update 2026: राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून 2026 को केरल तट पर पहुंचने के बाद लगातार आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार मानसून वर्तमान में दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े हिस्सों को कवर कर चुका है तथा अगले कुछ दिनों में मध्य भारत की ओर बढ़ने की संभावना है।
राजस्थान में मानसून आगमन को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है। फिलहाल राज्य के कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि कुछ क्षेत्रों में उमस भी महसूस की जा रही है।
आइए जानते हैं कि राजस्थान में मानसून कब तक पहुंच सकता है और किन जिलों में सबसे पहले बारिश शुरू होने की संभावना है।
राजस्थान मानसून 2026: मुख्य अपडेट
- दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून 2026 को केरल में दस्तक दी।
- मानसून वर्तमान में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और मध्य भारत की ओर आगे बढ़ रहा है।
- मौजूदा मौसम मॉडल संकेत देते हैं कि मानसून 24 से 28 जून के बीच दक्षिणी राजस्थान में प्रवेश कर सकता है।
- बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर संभाग में सबसे पहले मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है।
- जयपुर और अजमेर क्षेत्र में जून के अंतिम सप्ताह अथवा जुलाई के शुरुआती दिनों में मानसून पहुंच सकता है।
- पश्चिमी राजस्थान में मानसून सामान्यतः जुलाई के पहले सप्ताह में सक्रिय होता है।
- जून के दूसरे पखवाड़े में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
राजस्थान तक मानसून कैसे पहुंचता है?
दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः केरल से आगे बढ़ते हुए कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करता है।
ऐतिहासिक औसत के अनुसार केरल पहुंचने के लगभग 20 से 25 दिन बाद मानसून राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों तक पहुंचता है। हालांकि इसकी गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम तंत्रों पर निर्भर करती है।
राजस्थान में सबसे पहले किन जिलों में पहुंचेगा मानसून?
राजस्थान के दक्षिणी जिले हर साल मानसून का पहला स्वागत करते हैं।
बांसवाड़ा और डूंगरपुर
गुजरात और मध्य प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण मानसूनी हवाएं सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों तक पहुंचती हैं।
उदयपुर संभाग
उदयपुर, प्रतापगढ़ और राजसमंद में मानसून की शुरुआती अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
हाड़ौती क्षेत्र
कोटा, बारां, झालावाड़ और बूंदी में भी मानसून अपेक्षाकृत जल्दी सक्रिय हो जाता है।
प्रमुख शहरों में मानसून आगमन की संभावित अवधि
| शहर | संभावित अवधि |
|---|---|
| उदयपुर | 24-27 जून |
| कोटा | 25-28 जून |
| जयपुर | 29 जून-2 जुलाई |
| अजमेर | 30 जून-3 जुलाई |
| जोधपुर | 2-5 जुलाई |
| बीकानेर | 4-7 जुलाई |
| जैसलमेर | 6-10 जुलाई |
ये तिथियां वर्तमान मौसम मॉडलों, मानसून की प्रगति और ऐतिहासिक औसत पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक आगमन में कुछ दिनों का अंतर संभव है।
प्री-मानसून बारिश से कब मिलेगी राहत?
मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले भी राजस्थान के कई हिस्सों में राहत मिलने की संभावना है।
संभावित प्रभाव
- जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर में धूल भरी आंधी चल सकती है।
- हवा की गति 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
- गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
- अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है।
2026 में राजस्थान में बारिश कैसी रह सकती है?
भारतीय मौसम विभाग के दीर्घावधि मानसून पूर्वानुमान के अनुसार देश में इस वर्ष मानसून सामान्य श्रेणी में रहने की संभावना जताई गई है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा का वितरण सभी क्षेत्रों में समान नहीं रहेगा।
संभावित स्थिति
- दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सामान्य से बेहतर वर्षा की संभावना।
- कोटा, झालावाड़, बारां, बांसवाड़ा और उदयपुर क्षेत्र को अधिक लाभ मिल सकता है।
- पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में वर्षा का वितरण अपेक्षाकृत कम रह सकता है।
- जुलाई और अगस्त के दौरान बनने वाले कम दबाव के क्षेत्रों पर अंतिम स्थिति निर्भर करेगी।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
खरीफ सीजन की बुवाई शुरू करने से पहले किसानों को मानसून की स्थिरता का इंतजार करना चाहिए।
क्या करें?
✔ पहली हल्की बारिश के बाद तुरंत बुवाई न करें।
✔ खेत में पर्याप्त नमी बनने का इंतजार करें।
✔ लगातार दो से तीन अच्छी बारिश के बाद ही बुवाई शुरू करें।
✔ स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और मौसम विभाग की सलाह पर नजर रखें।
FAQs
राजस्थान में मानसून सबसे पहले कहां आता है?
आमतौर पर बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले मानसून का सबसे पहले स्वागत करते हैं।
जयपुर में मानसून कब तक पहुंच सकता है?
मौजूदा अनुमान के अनुसार जयपुर में मानसून जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के शुरुआती दिनों में पहुंच सकता है।
क्या 2026 में राजस्थान में सामान्य बारिश होगी?
वर्तमान दीर्घावधि पूर्वानुमान सामान्य मानसून की ओर संकेत करते हैं, हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा का वितरण अलग-अलग रह सकता है।
भारतीय मौसम विभाग के नवीनतम संकेतों के अनुसार राजस्थान में मानसून की प्रगति फिलहाल सामान्य ट्रैक पर बनी हुई है। यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो दक्षिणी राजस्थान में जून के अंतिम सप्ताह के दौरान मानसून प्रवेश कर सकता है। वहीं जयपुर, अजमेर और पश्चिमी राजस्थान के जिलों को जुलाई के शुरुआती दिनों तक मानसूनी गतिविधियों का इंतजार करना पड़ सकता है। इस बीच प्री-मानसून बारिश और आंधी-तूफान से गर्मी से राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।
डिस्क्लेमर: यह पूर्वानुमान IMD के उपलब्ध मौसम बुलेटिन, मानसून की वर्तमान प्रगति और ऐतिहासिक औसत के आधार पर तैयार किया गया है। मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर अनुमान भी बदल सकते हैं।