भारत में मानसून का इंतजार अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आधिकारिक रूप से केरल के तट पर पहुंच गया है। जहां एक तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्य इस समय भीषण लू (Heat Wave) की चपेट में हैं।
भारत इस समय मौसम के एक बड़े बदलाव वाले दौर से गुजर रहा है। आइए, मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक आंकड़ों और लाइव वेदर सिस्टम के आधार पर जानते हैं कि आपके राज्य में मानसून कब पहुंचने वाला है।
🌧️ केरल में मानसून का आगमन: क्या है ताजा स्थिति?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने इस साल अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को पार करते हुए मई के आखिरी हफ्ते में अपनी रफ्तार बढ़ाई। मई के अंत से लेकर जून के शुरुआती दिनों के बीच मानसून तेजी से आगे बढ़ा और अब यह केरल, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर चुका है।

केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने देश में मानसून के आने की औपचारिक घोषणा कर दी है।
🗺️ मानसून 2026: आपके राज्य में कब पहुंचेगी पहली बारिश?
मौसम विभाग (IMD) के आधिकारिक आगमन चार्ट और हवाओं की गति के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में मानसून पहुंचने की संभावित तारीखें इस प्रकार हैं:
- 5 जून तक: कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी हिस्से, आंध्र प्रदेश के कुछ इलाके और असम समेत पूरे पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह पैर पसार लेगा।
- 10 जून तक: महाराष्ट्र (मुंबई समेत), तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्से और ओडिशा का समुद्री तट।
- 15 जून तक: गुजरात का निचला हिस्सा, पूरा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल।
- 20 जून तक: मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से, पूरा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी और गोरखपुर के आसपास)।
- 25 जून तक: गुजरात का मध्य भाग, पूरा मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (लखनऊ, कानपुर से लेकर नोएडा-गाजियाबाद तक) और उत्तराखंड।
- 30 जून तक: देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब का कुछ हिस्सा और पूर्वी राजस्थान (जयपुर)।
- 5 से 8 जुलाई तक: पश्चिमी राजस्थान (बाड़मेर, जैसलमेर) और जम्मू-कश्मीर के आखिरी छोर तक पहुंचते ही मानसून पूरे देश को कवर कर लेगा।
🔥 उत्तर भारत में भीषण लू: बाड़मेर में पारा 48°C के पार
एक तरफ जहां दक्षिण भारत मानसून की फुहारों से ठंडा हो गया है, वहीं उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके अभी भी भीषण गर्मी से तप रहे हैं। राजस्थान का बाड़मेर 48.3°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा 45°C से ऊपर चल रहा है।
राहत की खबर: पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की एंट्री
उत्तर भारत के लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि इस भीषण लू से राहत दिलाने के लिए पहाड़ों की तरफ से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके असर से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
📊 एक नजर में: देश भर के मौसम का हाल
| क्षेत्र या राज्य | अभी कैसा है मौसम? | आने वाले दिनों में क्या होगा? |
| केरल और कर्नाटक | मानसून आ चुका है और सक्रिय है | अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत (असम, मणिपुर) | मानसूनी हवाएं मजबूत हैं | तेज हवाओं के साथ लगातार वर्षा का दौर |
| राजस्थान, यूपी, एमपी | गर्म हवाओं का घेरा बना हुआ है | धूल भरी आंधी और बौछारों से हल्की राहत |
| बंगाल की खाड़ी | कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है | यह मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है |
❓ आम पाठकों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या भारत में मानसून 2026 की शुरुआत हो चुकी है?
उत्तर: हां, मौसम विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मानसून केरल के तट पर दस्तक दे चुका है। इसके साथ ही देश में इस साल के मानसून की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।
Q2. दिल्ली और उत्तर प्रदेश में मानसून कब तक आएगा?
उत्तर: मौसम विभाग (IMD) के सामान्य चार्ट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 20 जून तक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 जून तक और दिल्ली-एनसीआर में 30 जून तक पहुंचने की उम्मीद है।
Q3. उत्तर भारत को इस भीषण गर्मी और लू से कब राहत मिलेगी?
उत्तर: आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में धूल भरी आंधी और हल्की बारिश होगी, जिससे अगले कुछ दिनों में भीषण लू से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।
Q4. क्या इस साल मानसून अपने सही समय पर चल रहा है?
उत्तर: हां, मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून की रफ्तार बिल्कुल सामान्य और अच्छी है। जून के शुरुआती दिनों में ही इसने केरल और लक्षद्वीप को कवर कर लिया है, जो कि इसका बिल्कुल सही समय है।
लेखक की सलाह: मानसून भले ही केरल पहुंच गया हो, लेकिन उत्तर और मध्य भारत में अभी भी उमस और तपिश का दौर जारी रहेगा। जब तक मानसूनी बादल आपके इलाके में पूरी तरह नहीं पहुंच जाते, तब तक दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचें और लू से सुरक्षित रहने के लिए खूब पानी पीते रहें।