इस साल मानसून कब आएगा (2026 me Monsoon kab aayega)?
मौसम विभाग (IMD) के शुरुआती संकेतों के अनुसार, 2026 में मानसून केरल में 01 जून को अपने सामान्य समय पर आने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच प्रवेश करेगा, जबकि दिल्ली-NCR में पहली मानसूनी बारिश 27 से 30 जून के आसपास होने का अनुमान है।
| राज्य (State) | मानसून आगमन की संभावित तिथि (2026) |
| केरल (प्रवेश) | 01 जून |
| बिहार | 12 – 15 जून |
| उत्तर प्रदेश | 15 – 22 जून |
| मध्य प्रदेश | 15 – 20 जून |
| उत्तराखंड | 20 – 25 जून |
| राजस्थान | 25 जून – 05 जुलाई |
| दिल्ली-NCR | 27 – 30 जून |
| हरियाणा / पंजाब | 30 जून – 05 जुलाई |
इस साल भारत में मानसून कब आएगा?
आमतौर पर केरल के तट पर मानसून 1 जून को दस्तक देता है। IMD के शुरुआती संकेतों के अनुसार, इस साल मानसून 1 जून से 5 जून के बीच आ सकता है।
अंडमान सागर में मानसूनी हवाओं की हलचल इस वर्ष मई के दूसरे सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।
अगर हवा की गति और दबाव का क्षेत्र अनुकूल रहा, तो 15 जून तक मानसून महाराष्ट्र और जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरे उत्तर भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब) में आ सकता है।
क्या 2026 में अल-नीनो बारिश का खेल बिगाड़ेगा?
मौसम विज्ञान की भाषा में ‘अल-नीनो’ का मतलब है कम बारिश और ‘ला-नीना’ का मतलब है अच्छी बारिश। 2025 में ला-नीना का प्रभाव था, जिससे अच्छी वर्षा हुई।
2026 की शुरुआत में ‘न्यूट्रल’ स्थिति रहेगी। हालांकि, प्रशांत महासागर में तापमान बढ़ रहा है।
अगर जून के बाद अल-नीनो सक्रिय होता है, तो मानसून के दूसरे हिस्से (अगस्त-सितंबर) में बारिश थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन चिंता की बात नहीं है, क्योंकि इंडियन ओशन डिपोल (IOD) इसे संतुलित कर सकता है।
बिहार में मानसून कब पहुंचेगा?
बिहार में मानसून के 12 से 20 जून के बीच पहुंचने की उम्मीद है। साथ ही यूपी में भी मानसून 15 से 20 जून तक पहुंच सकता है।
राजस्थान में मानसून 25 जून तक आ सकता है। वहीं मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंच सकता है।
इस साल सामान्य से कितनी बारिश होगी?
मौसम विभाग के लॉन्ग रेंज फोरकास्ट (LRF) के मुताबिक, 2026 में ‘सामान्य मानसून’ रहने की 65% संभावना है। इसका मतलब है कि देश भर में औसत की 96% से 104% के बीच बारिश हो सकती है।
मध्य भारत और दक्षिण भारत में अच्छी बारिश के संकेत हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में यह सामान्य रह सकती है।
खेती और फसलों पर मानसून 2026 का क्या असर होगा?
खरीफ की फसलों (धान, मक्का, सोयाबीन) के लिए शुरुआती बारिश बहुत जरूरी है। जून में अच्छी प्री-मानसून बारिश होने से बुआई समय पर होगी।
हालांकि, अगस्त में अल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को जल संचयन (Water Harvesting) पर ध्यान देना चाहिए।
क्या इस साल भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का रिकॉर्ड टूटेगा?
मानसून आने से ठीक पहले यानी अप्रैल और मई में उत्तर भारत में भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं। राजस्थान और यूपी के कुछ जिलों में पारा 45°C से 47°C तक जा सकता है।
यह गर्मी ही मानसून की हवाओं को खींचने के लिए ‘लो प्रेशर’ एरिया बनाएगी, जो अच्छी बारिश के लिए जरूरी है।
मानसून 2026 की तैयारी के लिए टिप्स
- किसानों के लिए: अपनी फसलों का बीमा (Fasal Bima) कराएं और IMD के जिला स्तरीय बुलेटिन को नियमित रूप से पढ़ें।
- आम जनता के लिए: मानसून से पहले घरों की छतों और नालियों की सफाई सुनिश्चित करें।
- वॉटर हार्वेस्टिंग: बारिश के पानी को बचाने के लिए अभी से योजना बनाएं, ताकि सितंबर के बाद पानी की कमी न हो।
Monsoon 2026 (FAQs)
उत्तर: भारत में मानसून की पहली बारिश 1 जून 2026 के आसपास केरल में होने की संभावना है। उत्तर भारत में यह 25 जून के बाद शुरू हो सकती है।
उत्तर: नहीं, अभी तक के डेटा के अनुसार 2026 एक सामान्य मानसून वर्ष रहने की उम्मीद है। सूखे की कोई बड़ी संभावना नहीं जताई गई है।
उत्तर: दिल्ली-एनसीआर में मानसून के 28 जून से 2 जुलाई के बीच पहुंचने का अनुमान है।
उत्तर: अल-नीनो के जुलाई 2026 के बाद सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मानसून के आखिरी दौर में बारिश कुछ कम हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट वर्तमान मौसम मॉडल्स और डेटा पर आधारित है। मानसून एक जटिल प्रक्रिया है, सटीक तारीखों के लिए IMD (मौसम विज्ञान विभाग) के आधिकारिक अपडेट्स का पालन करें।