जब भी समुद्र के ऊपर हवा का दबाव कम होता है, तो एक विनाशकारी ताकत जन्म लेती है जिसे हम ‘चक्रवात’ या ‘तूफान’ कहते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि शांत दिखने वाले समुद्र में अचानक इतनी ऊर्जा कहाँ से आती है? आइए, विज्ञान की नजर से समझते हैं चक्रवात बनने की पूरी प्रक्रिया।
चक्रवात क्या होता है?
सरल शब्दों में, चक्रवात घूमती हुई हवाओं का एक विशाल तंत्र है, जिसके केंद्र में कम वायुदाब (Low Pressure) होता है और बाहर की ओर उच्च वायुदाब (High Pressure)। यह एक ‘भंवर’ की तरह काम करता है जो समुद्र की गर्मी से शक्ति पाता है।
समुद्र में चक्रवात कैसे बनता है?
चक्रवात बनने के लिए कुछ खास भौगोलिक स्थितियों की जरूरत होती है। इसकी प्रक्रिया इन चरणों में पूरी होती है:
- समुद्र का गर्म होना: जब समुद्र की ऊपरी सतह का तापमान 26.5°C से अधिक हो जाता है, तो वहां की हवा गर्म होकर ऊपर उठने लगती है।
- कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Zone): हवा के ऊपर उठने से समुद्र की सतह के पास जगह खाली हो जाती है, जिसे भरने के लिए आसपास की ठंडी हवा तेजी से आती है।
- नमी और ऊर्जा: यह गर्म हवा अपने साथ भारी मात्रा में नमी (Moisture) लेकर ऊपर जाती है, जिससे बादलों का निर्माण होता है और ऊर्जा पैदा होती है।
- कोरिओलिस बल (Coriolis Effect): पृथ्वी के घूमने के कारण यह हवा सीधी न जाकर ‘घूमने’ लगती है। यही घूमती हुई हवा एक विशाल चक्रवात का रूप ले लेती है।
चक्रवात कितने प्रकार के होते हैं?
हवा की गति ही तय करती है कि चक्रवात कितना खतरनाक होगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) इसे इन श्रेणियों में बांटता है:
| चक्रवात की श्रेणी | हवा की रफ्तार (किमी/घंटा) | संभावित नुकसान |
| डिप्रेशन (Depression) | 31 से 49 किमी/घंटा | सामान्य बारिश और हवा |
| चक्रवाती तूफान | 62 से 88 किमी/घंटा | पेड़ों और कच्चे घरों को नुकसान |
| भीषण चक्रवात | 89 से 117 किमी/घंटा | बिजली के खंभे और संचार ठप |
| सुपर साइक्लोन | 222 किमी/घंटा से अधिक | बड़े पैमाने पर विनाश |
चक्रवात की ‘आंख’ (Eye of the Cyclone) क्या है?
चक्रवात के बिल्कुल केंद्र वाले हिस्से को उसकी ‘आंख’ कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हिस्सा सबसे शांत होता है। यहाँ न तो तेज हवाएं होती हैं और न ही बारिश। लेकिन इस आंख के चारों ओर की दीवार (Eye Wall) सबसे ज्यादा विनाशकारी होती है।
भारत में चक्रवात का खतरा किन राज्यों में ज्यादा है?
भारत की विशाल तटरेखा के कारण कई राज्य चक्रवात के निशाने पर रहते हैं:
- पूर्वी तट (Bay of Bengal): ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल (यहाँ चक्रवात ज्यादा आते हैं)।
- पश्चिमी तट (Arabian Sea): गुजरात और महाराष्ट्र (पिछले कुछ वर्षों में यहाँ भी खतरे बढ़े हैं)।
चक्रवात (Cyclone) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
उत्तर: दुनिया भर में अलग-अलग देशों के पैनल (जैसे भारत सहित 13 देश) मिलकर चक्रवातों के नामों की सूची तैयार करते हैं, जिन्हें क्रमवार तरीके से इस्तेमाल किया जाता है।
उत्तर: चक्रवात को ऊर्जा समुद्र की ‘गर्मी और नमी’ से मिलती है। जैसे ही वह जमीन (Landfall) पर पहुँचता है, उसे नमी मिलना बंद हो जाती है और घर्षण (Friction) के कारण उसकी गति कम हो जाती है।
उत्तर: चक्रवात कम वायुदाब के केंद्र के चारों ओर घूमने वाली हवाओं का एक विशाल तंत्र है। यह समुद्र की गर्मी और नमी से ऊर्जा पाकर एक शक्तिशाली भंवर का रूप ले लेता है, जो तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का कारण बनता है।
उत्तर: चक्रवात तब बनता है जब समुद्र की सतह का तापमान 26.5°C से अधिक हो जाता है। गर्म हवा नमी के साथ ऊपर उठती है, जिससे सतह पर कम दबाव का क्षेत्र बनता है। पृथ्वी के घूमने (कोरिओलिस बल) के कारण यह हवा गोल-गोल घूमने लगती है और चक्रवात का रूप ले लेती है।
उत्तर: चक्रवात के बिल्कुल मध्य या केंद्र वाले हिस्से को उसकी ‘आंख’ (Eye) कहा जाता है। यह चक्रवात का सबसे शांत हिस्सा होता है जहाँ हवाएं धीमी होती हैं और आसमान साफ़ होता है।