Monsoon 2026: भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के बीच पूरे देश के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर आ चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) ने इस साल अपनी तय समय सीमा से पहले ही केरल के तट और लक्षद्वीप के कई हिस्सों में दस्तक दे दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, अंडमान सागर से होते हुए मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। पिछले 24 से 48 घंटों में केरल और लक्षद्वीप में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी तक) दर्ज की गई है।
आइए जानते हैं कि आपके राज्य और शहर में मानसून कब तक पहुंचेगा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon 2026) की वर्तमान स्थिति
IMD के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Southwest Monsoon) 24 मई 2026 तक केरल के मुहाने और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-मध्य हिस्सों को कवर कर चुकी है।
- सामान्य आगमन तिथि: 1 जून (केरल तट)
- इस साल वास्तविक आगमन: 24 मई 2026 (तय समय से पहले)
2026 में मानसून कब आएगा? (राज्य-वार संभावित तारीखें)
| राज्य / क्षेत्र | मानसून आगमन की संभावित तिथि |
| केरल और लक्षद्वीप | 24 मई – 26 मई 2026 (सक्रिय हो चुका है) |
| तमिलनाडु / कर्नाटक | 1 जून – 5 जून 2026 |
| महाराष्ट्र (मुंबई) | 10 जून – 12 जून 2026 |
| झारखंड | 10 जून – 15 जून 2026 |
| बिहार | 12 जून – 15 जून 2026 |
| छत्तीसगढ़ | 15 जून – 20 जून 2026 |
| मध्य प्रदेश (MP) | 15 जून – 20 जून 2026 |
| उत्तर प्रदेश (UP) | 15 जून – 22 जून 2026 |
| उत्तराखंड | 20 जून – 25 जून 2026 |
| हिमाचल प्रदेश | 20 जून – 25 जून 2026 |
| दिल्ली-NCR | 27 जून – 01 जुलाई 2026 |
| राजस्थान | 25 जून – 05 जुलाई 2026 |
| हरियाणा और पंजाब | 30 जून – 05 जुलाई 2026 |

उत्तर प्रदेश (UP) में मानसून कब आएगा 2026?
उत्तर प्रदेश में मानसून अपने सामान्य समय यानी 15 जून से 22 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाओं के कारण पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश पहले शुरू होगी, जबकि पश्चिमी यूपी में यह जून के आखिरी सप्ताह तक पहुंचेगी।
यूपी के प्रमुख शहरों में मानसून एंट्री का अनुमान:
- वाराणसी: 16 – 18 जून
- प्रयागराज: 17 – 20 जून
- लखनऊ: 18 – 22 जून
- कानपुर: 19 – 23 जून
- मेरठ और नोएडा: 24 – 28 जून
दिल्ली-NCR और बिहार में मानसून की स्थिति
- दिल्ली-NCR: दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में मानसून 27 जून से 2 जुलाई के बीच पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, जून के मध्य से ही प्री-मानसून गतिविधियां (धूल भरी आंधी और हल्की फुहारें) गर्मी से राहत देना शुरू कर देंगी।
- बिहार: बिहार में मानसून 12 जून से 20 जून के बीच पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। उत्तर बिहार के जिलों में सीमावर्ती इलाकों से भारी बारिश की शुरुआत पहले देखी जा सकती है।
क्या 2026 में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी?
IMD के लॉन्ग रेंज फोरकास्ट (LRF) के अनुसार, साल 2026 में सामान्य मानसून रहने की 65% संभावना है। इसका मतलब है कि देश में दीर्घावधि औसत (LPA) की 96% से 104% के बीच बारिश होगी, जो कृषि के लिए बहुत फायदेमंद है।
वेदर सिस्टम और अल-नीनो (El-Nino) का असर:
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जुलाई और अगस्त के बाद ‘अल-नीनो’ के हल्के संकेत मिल सकते हैं, जो मानसून के उत्तरार्ध (अगस्त-सितंबर) को थोड़ा धीमा कर सकते हैं। हालांकि, इंडियन ओशन डिपोल (IOD) की सकारात्मक स्थिति इस प्रभाव को संतुलित कर लेगी।
किसानों के लिए जरूरी सलाह और कृषि पर असर
खरीफ फसलों (धान, मक्का, कपास, बाजरा और सोयाबीन) की बुआई पूरी तरह इस मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। शुरुआती तेज प्रोग्रेस को देखते हुए किसानों को निम्नलिखित तैयारियां रखनी चाहिए:
- समय पर बुआई: खेतों को तैयार रखें ताकि पहली अच्छी बारिश के साथ ही खरीफ की बुआई शुरू हो सके।
- फसल बीमा: बेमौसम या अत्यधिक भारी बारिश के जोखिम से बचने के लिए पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लें।
- जल संचयन: खेतों की मेड़बंदी दुरुस्त करें ताकि वर्षा का पानी संचित किया जा सके।
- ड्रेनेज सिस्टम: ज्यादा बारिश वाले निचले इलाकों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
Monsoon 2026 (FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 2026 में भारत में मानसून सबसे पहले कहां आया है?
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने समय से पहले ही अंडमान सागर को पार कर केरल और लक्षद्वीप के तटों पर दस्तक दे दी है।
2. दिल्ली में मानसून कब आएगा 2026?
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की अधिकारिक एंट्री 27 जून से 1 जुलाई 2026 के बीच होने का अनुमान है।
3. उत्तर प्रदेश (UP) में मानसून की पहली बारिश कब होगी?
पूर्वी उत्तर प्रदेश (सोनभद्र, बलिया, वाराणसी) में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है।
4. क्या इस साल सूखा पड़ने की आशंका है?
नहीं, IMD के अनुसार 2026 में सामान्य मानसून रहने की उम्मीद है, जिससे सूखे जैसी स्थिति की आशंका नहीं है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट IMD के लॉन्ग रेंज फोरकास्ट (LRF) और शुरुआती वेदर मॉडल्स पर आधारित है। मौसम की वास्तविक गति और तारीखों में बदलाव संभव है, इसलिए सटीक जानकारी के लिए हमेशा भारतीय मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक बुलेटिन देखें।