How to become a meteorologist in India
आसमान में छाते बादलों को देखकर बारिश का अंदाज़ा लगाना सदियों पुराना हुनर है, लेकिन इसे विज्ञान की कसौटी पर कसकर सटीक भविष्यवाणी करना एक ज़िम्मेदारी भरा करियर है. करियर कनेक्ट में जानिए मौसम वैज्ञानिक बनने का पूरा रास्ता.
भारत जैसे कृषि प्रधान देश में एक मौसम वैज्ञानिक (Meteorologist) की भूमिका सिर्फ न्यूज़ बुलेटिन तक सीमित नहीं है. चक्रवात की चेतावनी से लेकर किसानों को बुवाई का सही समय बताने तक, इनकी एक रिपोर्ट करोड़ों की संपत्ति और हज़ारों जान बचा सकती है.
साल 2025 और 2026 में जिस तरह से बेमौसम बारिश और हीटवेव की घटनाएं बढ़ी हैं, उसने मौसम विज्ञान के क्षेत्र में माहिर पेशेवरों की मांग को और बढ़ा दिया है.
वैज्ञानिक बनने की शुरुआत कहाँ से होती है?
पायलट की तरह ही मौसम विज्ञानी बनने के लिए भी आपके पास स्कूल स्तर पर फ़िज़िक्स और मैथ्स होना अनिवार्य है.
- शैक्षणिक योग्यता: 12वीं कक्षा में फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और मैथमैटिक्स (PCM) के साथ कम से कम 60 फ़ीसदी अंक होने चाहिए.
- ग्रेजुएशन: इसके बाद आपको बीएससी (B.Sc) इन फ़िज़िक्स, मैथमैटिक्स या कंप्यूटर साइंस करना होगा. अगर आपने बीटेक (B.Tech) किया है, तब भी आप इस क्षेत्र में आ सकते हैं.
- स्पेशलाइजेशन: असली सफ़र पोस्ट ग्रेजुएशन से शुरू होता है. आपको Meteorology (मौसम विज्ञान) या Atmospheric Sciences में एमएससी (M.Sc) या एमटेक (M.Tech) करना होता है.
ट्रेनिंग और पढ़ाई में कितना ख़र्च आता है?
मौसम विज्ञानी बनने का ख़र्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस रास्ते को चुनते हैं.
- सरकारी संस्थान: भारत में IIT दिल्ली, IIT खड़गपुर, कोचीन यूनिवर्सिटी और पुणे यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान इस कोर्स के लिए मशहूर हैं. यहाँ एमएससी या एमटेक की दो साल की फ़ीस ₹30,000 से ₹1,00,000 के बीच हो सकती है.
- IMD ट्रेनिंग: यदि आप भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) में बतौर वैज्ञानिक भर्ती होते हैं, तो सरकार आपको पुणे या दिल्ली में ट्रेनिंग देती है. यह ट्रेनिंग मुफ़्त होती है और आपको पद के अनुसार सैलरी भी मिलती है.
- विदेश में पढ़ाई: अगर कोई छात्र अमेरिका या ब्रिटेन से ‘एटमॉस्फेरिक साइंस’ में मास्टर करना चाहता है, तो ख़र्च ₹20 लाख से ₹50 लाख तक जा सकता है.
भर्ती की प्रक्रिया क्या है?
भारत में मुख्य रूप से तीन रास्तों से आप मौसम वैज्ञानिक बन सकते हैं:
- UPSC और SSC: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) में साइंटिस्ट ‘बी’ के पदों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या कर्मचारी चयन आयोग (SSC) परीक्षा आयोजित करता है.
- CSIR NET: रिसर्च के क्षेत्र में जाने के लिए आपको CSIR NET की परीक्षा पास करनी होती है, जिसके बाद आप बतौर रिसर्च फेलो (JRF) काम शुरू कर सकते हैं.
- प्राइवेट सेक्टर: न्यूज़ चैनल, प्राइवेट वेदर एजेंसी (जैसे स्काईमेट), एयरलाइन कंपनियां और शिपिंग कंपनियां भी सीधे तौर पर एक्सपर्ट्स की भर्ती करती हैं.
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क्या होती है सैलरी और ग्रोथ?
मौसम वैज्ञानिक का पेशा जितना चुनौतीपूर्ण है, इसका रिवॉर्ड भी उतना ही बेहतर है.
| स्तर (Level) | शुरुआती सैलरी (प्रति माह) | अनुभव के साथ (10-15 साल) |
| सरकारी साइंटिस्ट (Grade B) | ₹70,000 – ₹90,000 | ₹1,60,000 – ₹2,20,000 |
| प्राइवेट वेदर एजेंसी | ₹45,000 – ₹60,000 | ₹1,20,000 – ₹1,50,000 |
| रिसर्च और एकेडमी | ₹50,000 – ₹70,000 | ₹1,30,000+ |
वर्क-लाइफ़ बैलेंस: एक वैज्ञानिक ने हमें बताया कि जब कोई बड़ा चक्रवात या मानसून का समय होता है, तब काम का दबाव बहुत बढ़ जाता है. कभी-कभी लैब में ही रातें बितानी पड़ती हैं. हालांकि, सामान्य दिनों में वर्क-लाइफ़ बैलेंस अच्छा रहता है.
Meteorologist jobs (FAQs)
उत्तर: मौसम विज्ञानी बनने के लिए 12वीं कक्षा में विज्ञान संकाय (Science Stream) होना अनिवार्य है. आपके पास मुख्य विषयों के रूप में फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) और मैथमैटिक्स (गणित) होने चाहिए। इन विषयों में कम से कम 50-60% अंक होना आवश्यक है.
उत्तर: नहीं, मौसम विज्ञान पूरी तरह से कैलकुलस (Calculus) और फ्लूइड डायनामिक्स के सिद्धांतों पर आधारित है. मौसम के मॉडल तैयार करने और डेटा विश्लेषण के लिए गणित की गहरी समझ ज़रूरी है, इसलिए बिना गणित के इस क्षेत्र में करियर बनाना संभव नहीं है.
उत्तर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) में एक शुरुआती वैज्ञानिक (साइंटिस्ट ‘बी’) की सैलरी ₹70,000 से ₹90,000 प्रति माह के बीच होती है. प्राइवेट सेक्टर या रिसर्च संस्थानों में यह अनुभव और योग्यता के आधार पर ₹45,000 से ₹65,000 से शुरू हो सकती है.
उत्तर: ग्रेजुएशन के बाद Meteorology (मौसम विज्ञान) या Atmospheric Sciences में एमएससी (M.Sc) या एमटेक (M.Tech) करना सबसे अच्छा माना जाता है. इसके अलावा, फिजिक्स या मैथमैटिक्स में डिग्री लेने वाले छात्र भी विशेष परीक्षाओं के जरिए इस फील्ड में आ सकते हैं.
उत्तर: IMD में वैज्ञानिकों की भर्ती मुख्य रूप से UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से होती है। इसके अलावा, कर्मचारी चयन आयोग (SSC) भी मौसम विज्ञान सहायक (Scientific Assistant) जैसे पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है।