उत्तराखंड में मानसून कब आएगा 2026? जानें IMD का ताजा अपडेट, पहाड़ों में बारिश कब होगी

Uttarakhand Monsoon 2026: उत्तराखंड में मानसून 20 जून से 28 जून 2026 के बीच पहुंचने का अनुमान है। IMD के अनुसार, 8 जून के बाद राज्य में प्री-मानसून बारिश शुरू हो सकती है। 

देहरादून, नैनीताल, मसूरी और चारधाम क्षेत्रों में जून के दूसरे सप्ताह से मौसम बदलने लगेगा। पहाड़ों में रहने वाले स्थानीय लोगों से लेकर चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं तक, सभी को बेसब्री से पहली बारिश का इंतजार है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तराखंड में इस साल मानसून 20 जून से 28 जून 2026 के बीच दस्तक देगा। हालांकि, जून के दूसरे सप्ताह (7-10 जून) से ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी।

आइए जानते हैं मौसम विभाग (IMD) का लेटेस्ट अपडेट और मानसून का पूरा शेड्यूल।

उत्तराखंड मानसून 2026: मुख्य बिन्दु

  • मानसून आगमन: 20-28 जून 2026
  • प्री-मानसून बारिश: 8-12 जून
  • तापमान में राहत: 10 जून के बाद
  • भारी बारिश की संभावना: जून का आखिरी सप्ताह
दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon 2026) की वर्तमान स्थिति और वेदर सिस्टम
दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon 2026) की वर्तमान स्थिति और वेदर सिस्टम

1. उत्तराखंड में मानसून कब आएगा 2026?

IMD के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अपने सामान्य समय के आसपास यानी 26 मई 2026 तक केरल पहुंचेगा। यदि मानसून की रफ्तार सामान्य रहेगी, तो उत्तराखंड में इसकी एंट्री का अनुमानित शेड्यूल कुछ इस तरह रहेगा:

  • कुमाऊं और गढ़वाल में हलचल: जून के दूसरे सप्ताह से पहाड़ों में प्री-मानसून की बौछारें बढ़ जाएंगी।
  • मैदानी इलाके (देहरादून-हरिद्वार): इन जिलों में जून के मध्य में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होगी। यह बारिश लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत देगी।
  • संभावित मानसून एंट्री: पूरे राज्य में मानसूनी हवाएं 20 जून से 28 जून 2026 के बीच पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगी।

IMD का लेटेस्ट 2026 प्रेस रिलीज क्या कहता है?

मौसम विभाग (IMD) के लॉन्ग रेंज फोरकास्ट के अनुसार, इस साल मानसून की प्रगति को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। केरल में समय पर दस्तक देने के बाद मानसूनी हवाएं मध्य भारत होते हुए उत्तर भारत की तरफ आगे बढ़ेंगी।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: पहाड़ी राज्यों के लिए IMD ने कहा है कि शुरुआती दौर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और मानसूनी हवाएं आपस में मिलेंगी। इस सिस्टम की वजह से उत्तराखंड में प्री-मानसून शावर्स काफी अच्छे रहेंगे।

📍 उत्तराखंड के जिलों में मानसून कब आएगा? (District-wise Schedule 2026)

जिला / क्षेत्रप्री-मानसून की पहली बारिशमानसून के आगमन की संभावित तारीखमौसम की स्थिति और अलर्ट (IMD)
पिथौरागढ़, चंपावत7 जून से 10 जून20 जून से 22 जून 2026सबसे पहले दस्तक: मानसून सबसे पहले कुमाऊं के इन सीमावर्ती जिलों में प्रवेश करेगा।
नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर8 जून से 11 जून21 जून से 24 जून 2026ठंडी हवाएं और बौछारें: जून के मध्य से शाम के समय तेज गरज-चमक के साथ बारिश होगी।
देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर10 जून से 13 जून24 जून से 27 जून 2026मैदानी इलाकों में राहत: उमस भरी गर्मी के बाद तेज हवाओं और आंधी के साथ बारिश शुरू होगी।
पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल9 जून से 12 जून23 जून से 26 जून 2026पहाड़ी रास्तों पर नजर: जून के उत्तरार्ध से मध्यम से भारी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।
चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग (चारधाम क्षेत्र)8 जून से 11 जून25 जून से 28 जून 2026ट्रेवल अलर्ट: ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों और यात्रा मार्गों पर अचानक मौसम बदलेगा। भारी बारिश की चेतावनी रहेगी।

उत्तराखंड में बारिश कब शुरू होगी?

यदि आप आने वाले दिनों में उत्तराखंड घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जान लीजिए आपके पसंदीदा डेस्टिनेशन का हाल कैसा रहेगा:

  • देहरादून: जून के दूसरे सप्ताह से यहाँ आसमान में बादल छाने लगेंगे। शाम के वक्त हल्की बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
  • नैनीताल: यहाँ शाम के समय गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। “नैनीताल की ठंडी हवाएं” जून के मध्य तक वापस लौट आएंगी।
  • मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में जून के दूसरे हफ्ते से ही प्री-मानसून फॉग (धुंध) और हल्की बूंदाबांदी का दौर शुरू हो जाएगा।
  • चारधाम क्षेत्र (केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री): ऊँचाई वाले इन इलाकों में मौसम तेजी से बदलेगा। जून के शुरुआती दिनों में भी यहाँ दोपहर बाद हल्की बर्फबारी या बारिश देखने को मिलेगी।

क्या इस बार उत्तराखंड में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी?

IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में इस साल कुछ हिस्सों में “Below Normal” या सामान्य से थोड़ी कम बारिश की बात कही गई है। इसका एक मुख्य कारण प्रशांत महासागर में एल नीनो (El Niño) के प्रभाव में आ रहा बदलाव है।

एल नीनो समुद्र के तापमान से जुड़ा एक फिनोमिना है, जो अक्सर मानसून को कमजोर करता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्यों में लोकल वेदर सिस्टम की वजह से कुछ दिनों के लिए अचानक तेज या भारी बारिश (Localized Heavy Rainfall) होगी। इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को पूरी तरह सतर्क रहना होगा।

चारधाम यात्रा पर मानसून का क्या असर पड़ेगा?

यदि आप केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री की यात्रा पर जाने वाले हैं, तो सुरक्षा सबसे पहले है। मानसून के आते ही ऋषिकेश से आगे रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ जाएगा।

  • यात्रियों के लिए सलाह: जून के उत्तरार्ध (20 जून के बाद) में यात्रा करने से पहले हर दिन का वेदर बुलेटिन जरूर चेक करें।
  • जरूरी सामान: अपने पास जरूरी दवाइयां, रेनकोट और एक्स्ट्रा राशन जरूर रखें। रास्ते बंद होने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

पिछले 5 वर्षों में उत्तराखंड में मानसून कब आया?

इतिहास देखें तो उत्तराखंड में मानसून की तारीखों में थोड़ा बदलाव आता रहा है। नीचे दिए गए आंकड़ों से आप पिछले ट्रेंड को समझ सकते हैं:

वर्षउत्तराखंड में मानसून आगमन की तारीख
202522 जून
202425 जून
202323 जून
202229 जून
202113 जून (समय से पहले)

आंकड़ों से साफ है कि क्लाइमेट चेंज के असर के कारण मानसून ज्यादातर जून के आखिरी हफ्ते (22 से 28 जून के बीच) में ही पूरी तरह सक्रिय हुआ है। इस साल भी यही ट्रेंड दिखाई देगा।

मौसम विभाग की चेतावनी और जरूरी सलाह

  • ट्रेवल अलर्ट: नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों के पास रुकने या कैंपिंग करने से बचें। यहाँ अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहेगा।
  • बिजली कड़कने पर: यदि आप ट्रैकिंग पर रहेंगे और बिजली चमकेगी, तो खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। हमेशा किसी पक्के शेल्टर में जाएं।
  • लोकल अपडेट्स: उत्तराखंड पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन (SDMA) के सोशल मीडिया हैंडल्स को लगातार फॉलो करते रहें।

❓ FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1: उत्तराखंड में मानसून कब आएगा 2026?

उत्तर: मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, उत्तराखंड में मानसून 20 से 28 जून 2026 के बीच दस्तक देगा।

प्रश्न 2: देहरादून में बारिश कब शुरू होगी?

उत्तर: देहरादून में जून के दूसरे सप्ताह (8-12 जून) से प्री-मानसून बारिश शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

प्रश्न 3: क्या जून में नैनीताल जाना सुरक्षित रहेगा?

उत्तर: हाँ, जून के पहले और दूसरे हफ्ते तक नैनीताल जाना बिल्कुल सुरक्षित रहेगा। बस अपनी यात्रा से पहले लोकल वेदर फोरकास्ट जरूर देख लें।

प्रश्न 4: चारधाम यात्रा पर बारिश का असर कब से दिखेगा?

उत्तर: जून के मध्य के बाद चारधाम क्षेत्रों में बारिश बढ़ जाएगी, जिससे यात्रा की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।

फिलहाल मौसम के शुरुआती संकेत बता रहे हैं कि उत्तराखंड के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने में अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। जून के दूसरे सप्ताह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलना शुरू हो जाएगा।

अगर आप उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों या चारधाम की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो जून का शुरुआती पखवाड़ा आपके लिए सबसे बेहतरीन रहेगा। प्रकृति का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा नियमों और IMD के लेटेस्ट अपडेट्स पर नजर जरूर बनाए रखें!

आधिकारिक स्रोत: आप इस वेदर अपडेट की पुष्टि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सीधे कर सकते हैं।

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